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NDA की ‘मंगल मिलन’ बैठक में संसद रणनीति पर मंथन

नई दिल्ली: संसद भवन परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक ‘मंगल मिलन’ आयोजित की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित एनडीए के सभी घटक दलों के सांसदों ने इसमें भाग लिया।

इस बैठक की खास बात यह रही कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर बने नए दल एनसीपीआई (NCPI) के सांसदों को पहली बार एनडीए की रणनीतिक बैठक में औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।

‘मंगल मिलन’ बैठक के प्रमुख केंद्र बिंदु
संसद सत्र के दौरान एनडीए घटकों के बीच बेहतर तालमेल और विधायी एजेंडे को सुचारू रूप से लागू करने के लिए बुलाई गई इस बैठक में कई विषयों पर मंथन हुआ:

एंटी-पेपर लीक बिल 2026 पर चर्चा: केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर एनडीए सांसदों को मजबूती से सरकार का पक्ष रखने के निर्देश दिए गए।

ब्लू इकोनॉमी व फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत द्वारा हाल ही में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की उपलब्धियां साझा कीं, जबकि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने देश के मत्स्य पालन और ‘ब्लू इकोनॉमी’ क्षेत्र में हो रही प्रगति पर प्रस्तुति दी।

गठबंधन का समन्वय: शिवसेना, टीडीपी, जेडीयू, एलजेपी (आर) और क्षेत्रीय दलों के बीच सदन में फ्लोर मैनेजमेंट को लेकर सहमति बनाई गई।

NCPI सांसदों ने जताई खुशी, व्यवस्था की तारीफ की
तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर एनसीपीआई का गठन करने वाली वरिष्ठ महिला सांसदों—काकोली घोष, शताब्दी रॉय और सायोनी घोष ने एनडीए बैठक में पहली बार शामिल होने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी:

काकोली घोष (सांसद, NCPI): “लोकसभा अध्यक्ष को हमने मान्यता संबंधी दस्तावेज सौंप दिए हैं। अध्यक्ष महोदय ने हमें एनडीए के हिस्से के रूप में मान्यता दी है, इसीलिए आज बैठक में आमंत्रित किया गया था। ऐसी अनुशासित और रणनीतिक बैठक मैंने पहले कभी नहीं देखी।”

सायोनी घोष (सांसद, NCPI): “बैठक बेहद ज्ञानवर्धक रही। देश के छात्र और युवा हमारी ताकत हैं। जिस तरह नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार कड़ा नकल विरोधी विधेयक लेकर आई है, उससे यह साबित होता है कि लोकतंत्र मजबूत है।”

शताब्दी रॉय (सांसद, NCPI): “देश के विजन, आने वाले विधेयकों और विकास योजनाओं पर बहुत ही व्यवस्थित तरीके से चर्चा हुई।”

क्या है नकल विरोधी विधेयक में खास?
प्रस्तावित कानून में पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर नकेल कसने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं—जिसमें दोषियों के लिए 10 साल तक की सख्त कैद, ₹10 करोड़ तक का भारी जुर्माना, संपत्ति कुर्क करने का अधिकार और 3 महीने के भीतर त्वरित न्याय (Fast Track Trial) का प्रावधान शामिल है।

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